पार्थिव पटेल का खुलासा, सिर्फ 9 उंगलियों के साथ की विकेटकीपिंग


क्रिकेट की दुनिया में एक खिलाड़ी के लिए सभी उंगलियों का होना कितना जरूरी है, ये हर कोई जानता है। फिर चाहे बल्‍लेबाज हो, गेंदबाज हो या फिर विकेट कीपर हो। 10 में से एक उंगली के भी कम होने से उनका खेल प्रभावित हो सकता है। मगर कम लोग ही जानते हैं, भारत के विकेटकीपर बल्‍लेबाज पार्थिव पटेल ने सिर्फ 9 उंगलियों के साथ ही भारत के लिए विकेटकीपिंग की। कम उम्र में ही इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्‍यू करने वाले पार्थिव 2003 वर्ल्‍ड कप का भी हिस्‍सा थे। भले ही इंटरनेशनल स्‍तर पर पार्थिव इतना सफल नहीं हुए, मगर घरेलू स्‍तर पर उनका सफल करियर रहा। कार्यक्रम में पार्थिव ने खुलासा किया कि उन्‍होंने अपने करियर में सिर्फ 9 उंगलियों से ही विकेटकीपिंग की।दरअसल 6 साल की उम्र में दरवाजे के बीच फंसने से पार्थिव के बाएं हाथ की बेबी फिंगर कट गई थी।


विकेटकीपर के लिए 9 उंगलियों से खेलना आसान नहीं थी, क्‍योंकि छोटी उंगली ग्‍लव्‍स में फिट नहीं बैठती थी, जिस वजह से उन्‍हें टेप का इस्‍तेमाल करना पड़ता था। उन्‍होंने कहा कि जब वें पीछे की ओर देखते हैं कि कैसे नौ उंगली के साथ विकेटकीपिंग में उन्‍होंने संघर्ष किया था तो उन्‍हें इस पर गर्व होता है कि वह देश के लिए खेल पाए। पार्थिव पटेल ने कहा कि ग्‍लव्‍स में उंगली के फिट नहीं बैठने पर वह टेप लगा लेते थे, जिससे उन्‍हें किसी तरह की परेशानी न हो। उन्‍होंने कहा कि यह काफी मुश्किल था, क्‍योंकि आखिरी उंगली ग्‍लव्‍स में फिट नहीं बैठती थी। इसकारण उन्‍होंने उस पर टेप लगाना शुरू कर दिया और यह तरीका उनके काम आया।

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