पुलिस खेत और नाले में ढूंढ रही हैं 56 लाख, जानिए क्या है ऐसा कारण

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा पुलिस इन दिनों खेत में 56 लाख रुपए की खोज कर रही है। भारी-भरकम रकम की तलाशी के लिए बकायदा ड्रोन कैमरे की मदद ली गई। बावजूद घंटों मशक्कत के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। दरअसल लूट की (Bemetara Police) वारदात होने के पांच दिन बाद पुलिस का यह नया नाटक देखने को मिला। खेत में घुसे पुलिसवालों (ATM cash van loot) को तलाशी लेते देख गांव वाले हक्के बक्के रह गए।

1 करोड़ 64 लाख में से 1.8 लाख बरामद
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पांच अक्टूबर को लूट की वारदात हुई। आरोपियों ने एटीएम वैन से 1 करोड़ 64 लाख रुपए लूट लिए थे। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से आरोपियों के पास से 80 लाख (Chhattisgarh Police) रुपए और निशानदेही के आधार पर खेत से 28 लाख रुपए बरामद कर लिया। इस तरह पुलिस ने अब तक 1 करोड़ 8 लाख रुपए बरामद कर चुका है। बाकी के 56 लाख रुपए की तलाश करने में बेमेतरा पुलिस के पसीने छूट रहे है।

पांच दिन बाद रुपए ढूंढने निकली है पुलिस
लूट के मामले में रुपए की बरामदी को लेकर अब चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। जो काम पुलिस पांच दिन बाद कर रही है, यह सब उसी दिन संभव था। जिन्हें गंभीर बताया गया वे आरोपी शिनाख्ती के लिए न्यायालय में आए तो चलकर आए। जानकारों की माने तो एफ आइआर के पहले प्रेस कांफ्रेंस हो गई। दूसरे दिन से बचत रुपए की तलाश शुरू हुई और चमत्कार हुआ कि 28 लाख रुपए खेत में मिल गए।

बड़ा सवाल: पांचवें दिन में क्या बचा होगा
एटीएम कैश वेन के गनमैन से लूटी गई रायफल बरामद हो गई। अब पांच दिन बाद नया नाटक शुरू हुआ। बुधवार को दोपहर दो बजे के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल आरोपियों को लेकर गांव पहुंची और जहां से आरोपी पकड़े गए थे, वहां के खेत, नाले, पेड़, पौधों की तलाश शुरू की। ड्रोन कैमरे से खेतों में तलाशी हुई। बहते पानी में जवान रुपए तलाशते नजर आए। मूंगफली, अरहर व सोयाबीन के खेत में पांच दिन में क्या बचा होगा? इसे पुलिस विभाग के अलावा सभी समझ रहे हैं। आरोपियों को पकडऩे में जिन ग्रामीणों ने मदद की और जो किसान खेतों में है, उनसे भी पूछताछ हो रही है कि कहीं उन्हें कुछ मिला तो नहीं।

कैश लूट कर भाग रहे आरोपियों ने बदल लिया था रास्ता
अतरिया के निकट कैश वैन लूट के बाद वैन में सवार एक युवक ने लूट की जानकारी पड़कीडीह निवासी एक परिचित को दी। इसके बाद रोड ब्लॉक के लिए प्रर्याप्त साधन नहीं होने पर लोगों ने कार रोकने पत्थर बरसाए। लुटेरों को इनकी करतूत समझ में आ गया। इसकी जानकारी सार्वजनिक हो चुकी है। इसलिए सीधे नवागढ़ न जाकर वे नवागढ़ के पहले खपरी से मानपुर-लालबन्द के रास्ते बाघुल-कुरदा मार्ग पर भागे।
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