भाईसाहब ने लाइक्स और कमेंट्स के जरिए कमा लिए थे 500 करोड़ रुपए, अब धरे गए तो सब बताया....

ऑनलाइन कंपनी बना कर 'लाइक' और 'क्लिक' के जरिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के 10 हजार लोगों से 500 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाली गाजियाबाद की पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के फरार निदेशक अमन शर्मा को साइबर सेल और आगरा पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की एफआईआर आगरा के सिकंदरा थाने में दर्ज थी। तभी से अमन शर्मा फरार हो गया था। वह ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था। दो महीने पहले कंपनी के दूसरे डायरेक्टर और सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस के मुताबिक पेवे आईटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सोशल साइट पर लाइक और क्लिक के नाम पर लोगों को रकम का वादा करती थी। लॉगिन आईडी के लिए दो प्लान थे। इसके तहत एक में 57 हजार तो दूसरे में 1.15 लाख रुपये जमा कराए जाते थे और यूजर को लाइक और क्लिक्स के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाता था। इस तरह कंपनी को बंद कर इसके डायरेक्टर 10 हजार लोगों से 500 करोड़ की ठगी करके फरार हो गए थे। कंपनी का ऑफिस गाजियाबाद के पैसिफिक बिजनस पार्क, कौशांबी में था। अक्टूबर 2016 में कंपनी खोली गई थी। जनवरी 2017 में बंद कर दी गई। इसके डायरेक्टर गाजियाबाद के चिरंजीव विहार निवासी अमन शर्मा और गाजियाबाद के अजनारा क्रासिंग निवासी वरुण गुप्ता थे।

2017 में सामने आया था मामला, तबसे ही पुलिस को है तलाश

यह मामला तब सामने आया जब आगरा के सिकंदरा निवासी यशपाल भी इस लाइक और क्लिक धोखाधड़ी का शिकार हुआ। उसने 14 यूजर आईडी खरीदी थीं। 13.80 लाख रुपये कंपनी के खातों में जमा कराए थे। जब उसने अपनी रकम गंवा कर ठगी का अहसास हुआ तो उसने थाना सिकंदरा में सन् 2017 में मुकदमा दर्ज कराया था। तब से पुलिस कंपनी के डायरेक्टरों की तलाश कर रही थी। विगत चार अक्टूबर को आगरा पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर वरुण गुप्ता और उनके सहयोगी अमित सक्सेना को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब सोमवार को दूसरे डायरेक्टर अमन शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। जो महीनों से पता बदल बदल कर फरार चल रहा था। अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था और अपने परिचित और रिश्तेदारों से भी संपर्क नहीं करता था। आधार और पैन कार्ड का भी इस्तेमाल करना भी उसने बंद कर दिया था।

आरोपी के खिलाफ यूपी, हरियाणा में दर्ज हैं कई मुकदमे। पूछताछ में अमन शर्मा ने पुलिस को बताया है कि वो मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। स्नातक पास है। धोखाधड़ी कर हासिल की रकम से उसने संपत्ति खरीद ली है। पुलिस अब उसकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी। पुलिस ने बताया है कि आरोपी के खिलाफ गाजियाबाद में तीन, थाना सिकंदरा में एक, हरियाणा के गुरुग्राम में एक मुकदमा दर्ज है। कई और शहरों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि थाना सिकंदरा पुलिस ने वर्ष 2018 में कार्पोरेशन बैंक, नाभा, पंजाब के मैनेजर रोहित, दिल्ली निवासी सीए राहुल और बैंक मित्र गुरजांट सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पंजाब की बैंक के खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी।
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