कोरोना से निपटने के लिए 4 और अंतर मंत्रालयीय टीम गठितः गृह मंत्रालय

कोरोना से बेहतर ढंग से निपटने के लिए 4 और अंतर मंत्रालयीय टीमों का गठन किया गया है। पहले 6 टीमें थीं, अब 4 टीमें और बनाई गई हैं। ये टीमें अहमदाबाद, सूरत, चेन्नई और हैदराबाद जाएंगी। साथ ही अपने सुझाव और विचार को संबंधित राज्य के मुख्यमंत्रियों से भी साझा कर रही हैं।
शुक्रवार को नियमित प्रेसवार्ता के दौरान गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि पहले जो 6 टीमें बनी थीं, उनमें से 2 टीमों ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। दोनों ही टीमों ने रिपोर्ट में लॉकडाउन को प्रभावी बताया है। साथ ही यह सुझाव दिया है कि टेस्टिंग और सैंपलिंग बढ़ाई जानी चाहिए और स्लम बस्तियों में पौष्टिक आहार का वितरण बढ़ाया जाए। रिपोर्ट के अनुसार, धारावी में कम्युनिटी टॉयलेट की वजह से लोगों को बाहर निकलना पड़ रहा है।


प्रेस वार्ता के दौरान श्रीवास्तव ने बताया कि जो क्षेत्र हॉटस्पॉट नहीं हैं वहां कुछ छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कंटेंनमेंट या हॉट स्पॉट नहीं है, वहां 20 अप्रैल से कुछ गतिविधियों की अनुमति दी गई है, लेकिन गलत व्याख्या की वजह से आशंका थी कि फैक्ट्री में कोविड केस मिलने पर फैक्ट्री के सीईओ को सजा हो सकती है या फैक्ट्री 3 महीने के लिए सील हो सकती है। इसलिए गुरुवार को गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें दिशा-निर्देशों की सही जानकारी दें और छूट के दौरान दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। 
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