शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए करे ये 3 काम, होंगे जीवन के सारे कष्ट दूर

क्या आप जानते हैं शास्त्रों के अनुसार शनिदेव को न्यायधीश (जज) का पद दिया गया हैं. यानी आप जीवन में जितने भी अच्छे बुरे काम करते हो उनका फल खुद शनिदेव तय करते हैं. यही कारण हैं कि जब आपकी राशि पर साढ़ेसाती (शनि की दशा) लगती हैं तो जीवन में दुःख और तकलीफे घर बनाने लगती हैं.
जीवन के कष्टों से दूर रहने के लिए शनिदेव को प्रसन्न करना बहुत जरूरी होता हैं. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताएंगे जिन्हें शनिवार के दिन करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में कोई भी कष्ट नहीं आता हैं.
उपाय #1: शनिवार के दिन सूर्योदय पूर्व उठ स्नान कर ले. इस दिन आपको सफ़ेद कपड़े पहन नजदीक के किसी पीपल के पेड़ के पास जाना होगा. यहाँ एक ताम्बे के पात्र में शुद्ध जल ले और इसके अन्दर केसर, चन्दन, चावल और फुल मिला दे. अब इस जल को पीपल की जड़ो पर अर्पित करें और इस मंत्र का जाप करे
आयु: प्रजां धनं धान्यं सौभाग्यं सर्वसम्पदम्। देहि देव महावृक्ष त्वामहं शरणं गत:।।
विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम:।।
अब पीपक के पेड़ की 7 परिक्रमा लगाए और धुप, दीपक, कपूर जला कर आरती उतारें. इसके बाद ताम्बे के पात्र में बचे जल को घर ले जाए चारो तरफ छिड़क दे. ऐसा करने से घर की सारी नेगेटिव एनेर्जी बाहर चली जाएगी और घर में सुख शान्ति बनी रहेगी.
उपाय #2: शनिवार के एक दिन पहले यानि शुक्रवार को रात में तीन अलग अलग बर्तनों में सवा किलो चने भिगो कर रख दे. अगली सुबह स्नान करने के बाद इन चनो को बगार दे और शनिदेव को भोग लगाए. अब पहले बर्तन के सवा किलो चने भैंसे को खिलाए, दुसरे बर्तन के चने कुष्ठरोगी को दान करे और तीसरे बर्तन के चने मछलियों को डाल दे. ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और आपके भाग्य में कोई भी बाधा नहीं आने देते हैं.
उपाय#3: शनिवार को सुबह स्नान करने के बाद सरसों का तेल ले और उसमे काले तिल को मिला दे. अब इस तेल से 108 बार शनिदेव का नाम लेते हुए उनका अभिषेक करे. ऐसा करने से आपके जीवन के सभी संकट टल जाते हैं और आपको हर मनोकामना पूर्ण होती हैं.
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