जेल में 23 दिन पहले हुआ था बवाल, और पता अब चला जब बंदी को प्लास्टर चढ़ाया गया

29 दिसंबर 2019 को उप कारागार में हाथापाई हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जेल का सायरन बजा, फिर भी बंदी बैरक में जाने को तैयार नहीं थे। बवाल बढ़ने पर बंदीरक्षकों ने नियमानुसार बल प्रयोग किया। इसमेें एक बंदी घायल हो गया। इस बात का पता 21 जनवरी को तब चला जब घायल बंदी को बेस अस्पताल में प्लास्टर चढ़ाया गया। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि घटना से कोर्ट को भी अवगत कराया है। 
घायल बंदी राजू मसीह का आरोप है कि उसे एक बंदीरक्षक ने पीट दिया था। उसके हाथ में हेयर लाइन फ्रैक्चर हो गया था। बंदीरक्षक मंगलवार को घायल बंदी का इलाज कराने के लिए बेस अस्पताल आए थे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि तिहाड़ जेल से आया एक बंदी मोबाइल से बात करने को लेकर जिद कर रहा था। 

बात नहीं कराने पर वह जेल के एक अधिकारी से भिड़ गया। इसके बाद बैरक में गिरोह बनाकर जेल प्रशासन के खिलाफ रणनीति बनाने लगा। मना करने पर उसने बंदीरक्षकों के साथ हाथापाई की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 29 दिसंबर 2019 को जेल का सायरन बजाया गया। फिर भी बंदी बैरक में जाने को तैयार नहीं थे। बवाल बढ़ने पर बंदीरक्षकों ने नियमानुसार बल प्रयोग किया। इस बीच बंदी राजू मसीह के हाथ में चोट लग गई।
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