ट्यूशन पढ़ने जा रहे छात्र को 200 मीटर तक घसीटता लेकर गया ट्रक, और फिर हो गई मौत

ट्यूशन पढ़ने घर से निकले बीए प्रथम वर्ष के छात्र को ट्रक ने कुचल दिया। छात्र को कुचलने के बाद भी चालक ने ट्रक को ब्रेक नहीं लगाए। कुचलने के बाद भी ट्रक छात्र व बाइक को घसीटता हुआ लगभग 200 मीटर तक ले गया। इससे छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा पुराना सहारनपुर रोड पर फतेहपुर पुल के पास हुआ। मृतक छात्र की पहचान गांव साबापुर निवासी अखिल कुमार (19) के रूप में हुई है। वह जगाधरी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में पढ़ता था। छात्र की मौत पर भड़के परिजनों व ग्रामीणों ने मार्ग पर जाम लगाकर करीब डेढ़ घंटे तक बवाल काटा। 
सूचना मिलने पर बुड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों का समझाकर शांत किया। पुलिस ने मामले में आरोपी ट्रक चालक पर केस दर्जकर ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साबापुर निवासी भूषण का बेटा अखिल कुमार (19) महाराजा अग्रसेन कॉलेज में पढ़ता था। दोपहर को कॉलेज से घर लौटने के बाद वह अपनी बाइक पर सवार होकर ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। जब वह पुराना सहारनपुर रोड पर फतेहपुर पुल पर पहुंचा तो तेज गति से आ रहे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से अखिल व उसकी बाइक ट्रक के आगे फंस गई। इसके बाद ट्रक छात्र व बाइक को घसीटता हुआ लगभग दो सौ मीटर तक ले गया। ट्रक ने छात्र को कुचल दिया। लेकिन फिर भी ट्रक चालक उसे घसीटता हुआ ले गया। 

आरोपी चालक ने ट्रक के ब्रेक नहीं लगाए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। छात्र की मौत की खबर सुनते ही साबापुर व आसपास गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। यहां उन्होंने छात्र के मांस के टुकड़े व खून के छीटें दूर तक पड़े देखे। जिससे पर लोगों को गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने वहां पर जाम लगाकर जमकर हंगामा किया। अखिल के परिजनों व ग्रामीणों ने बताया कि अखिल ट्यूशन पढ़ने के लिए जा रहा था। इसी दौरान ट्रक ने उसे टक्कर मारी। ट्रक के नीचे बाइक बुरी तरह से फंसी हुई थी। टक्कर मारने के बाद भी चालक ने ब्रेक नहीं लगाए। वह काफी देर तक उसे घसीटते हुए ले गया। यदि आरोपी चालक पहले ही ब्रेक लगा लेता तो शायद अखिल की जान नहीं जाती।

जाम लगाने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि ओवरलोड व तेज रफ्तार की वजह से हर दिन यहां पर हादसे होते हैं। लेकिन प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता। उनका कहना था कि जिले की सड़कों पर प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से ही ओवरलोड वाहन चल रहे है। प्रशासन का इन पर कोई अंकुश नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों को चाहिए कि वे सख्ती से ओवरलोड के खिलाफ कार्रवाई करें और भारी वाहनों को बंद करें। छात्र अखिल की मौत के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। अखिल के पिता बाइक मिस्त्री है। उसका एक छोटा भाई है। छात्र की मौत के बाद से परिवार सदमें में है। वहीं ग्रामीणों में हादसे के बाद से रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की सड़कों से ओवरलोड व वाहनों की तेज गति पर अंकुश नहीं लगाया गया तो वे फिर से सड़कों पर उतरकर जाम लगाएंगे।
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