इंस्पेक्टर ने सोचा कि रिवॉल्वर में गोलियां नहीं हैं, लेकिन उसमें 1 गोली थी...

यहां एक इंस्पेक्टर को उनकी ही गलती से पैर में गोली के छर्रे जा लगे। प्रैक्टिस के दौरान इंस्पेक्टर को लगा था कि रिवॉल्वर की गोलियां खत्म हो गई हैं। इसके बाद उन्होंने रिवॉल्वर नीचे की, तभी ट्रिगर दब गया। गनीमत रही कि गोली सीधे नहीं लगी। वो जमीन में जा धंसी, हालांकि उसके छर्रे पैर में लग गए। 
घटना शनिवार को मधुबन कमांडो काम्पलेक्स की फायरिंग रेंज में हुई। घायल इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने इसे मामूली घटना बताते हुए कहा कि वे ठीक हैं। जानकारी के मुताबिक, घायल इंस्पेक्टर मनीष कुमार रामनगर थाने में एसएचओ के पद पर कार्यरत हैं। वे शनिवार को फायरिंग रेंज में प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया। 

घटना की जानकारी लगते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। घायल टीआई को फौरन हॉस्पिटल ले जाया गया। अफसरों ने इसे एक गंभीर लापरवाही माना है। अगर यह गोली सीधे उनको या किसी और को लगती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। जिस समय यह घटना उस वक्त फायरिंग रेंज में 200 से ज्यादा जवान मौजूद थे।
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