इंडिया रेटिंग्स ने भी विकास दर के अनुमान को घटाकर 1.9 फीसदी किया

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंडरा) ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर की रफ्तार को घटा दिया है। एजेंसी ने सोमवार को जारी अपने अनुमान में सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) दर 1.9 फीसदी पर रह जाने का अनुमान जाहिर किया है। 
रेटिंग एजेंसी इंडरा ने कोविड-19 महामारी और अर्थव्यवस्था पर इसके पड़ने वाले असर का हवाला देते हुए आर्थिक वृद्धि दर के पूर्वानुमानों को संशोधित कर दिया  है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2020-21 के जीडीपी दर के अनुमान को भी 1.9 फीसदी तक घटा दिया, जो घटकर पिछले 29 वर्षों में सबसे कम वृद्धि होगी। 
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि यह अनुमान इस मान्यता पर आधारित हैं कि आंशिक लॉकडाउन मई मध्य तक जारी रहेगा। इंडरा ने कहा कि लॉकडाउन मई मध्य के बाद भी यदि जारी रहा तो जीडीपी वृदधि दर नकारात्मक हो सकती है। 
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के प्रधान अर्थशास्त्री और लोक वित्त के निदेशक सुनील कुमार सिन्हा ने जारी एक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 के जीडीपी की वृद्धि के अनुमानों की समीक्षा कर हमने इसे 3.6 फीसदी से घटाकर 1.9 फीसदी कर दिया है। इससे पहले इतनी कम वृद्धि वित्त वर्ष 1991-92 के दौरान थी जब कि जीडीपी केवल 1.1 फीसदी बढ़ा था। 
उल्‍लेखनीय है कि मौजूदा वैश्विक महामारी में कई रेटिंग्‍स एजेंसियों ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। इससे पूर्व आईएमएफ ने विकास दर के अनुमान को घटाकर 1.9 फीसदी किया, तो हाल में फिच ने जीडीपी एक फीसदी से भी कम रहने का अनुमान जताया था।
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