उन्होंने अपनी शादी की सालगिरह पर कोई विशेष खर्चीली पार्टी का आयोजन नहीं किया। बल्कि दोनों ने शासकीय अस्पताल में जाकर रक्तदान का पुनीत कार्य कर समाज मे एक नई मिशाल कायम की। बता दें चेतन ने अब तक करीब नौ बार रक्तदान किया है एवं ज्योति ने पहली बार रक्तदान किया। गौरतलब है कि इन दम्पत्तियों को रक्तदान कर शादी की सालगिरह बनाने की प्रेरणा समाजसेवी संगठन श्री साईंश्रद्धा सेवा समिति ने प्रदान की। जो रक्तदान की जागरुकता के लिय करीब एक दशक से कार्य करती आ रही है। जिसने अबतक 38 रक्तदान शिविरों के माध्यम से करीब 567 यूनिट रक्तदान करा चुकी है, और यह संस्था जन्मदिन एवं पुण्यतिथि पर भी रक्तदान करने की प्रेरणापुंज भी है।

वैसे तो ज्योति के पति रक्तदान के प्रति जागरूक हैं साथ ही समय समय पर रक्तदान कर चुके हैं। जिस पर विगत दिवस उन्हे रक्तवीर सम्मान भी मिल चुका है। लेकिन ज्योति ने पहली बार रक्तदान किया। वह बताती हैं कि जब मेरे पति ने पहले मेरे सामने ब्लड दिया तो मुझे वह सीरिंज देखकर डर लग रहा था। पर मेरे पति ने मेरा हौसला बढ़ाया, कहा रक्तदान महादान है इसमे कोई कमजोरी नहीं आती। शुरू मे थोड़ी तकलीफ हुई पर जरुरतमंदों का चेहरा देखा तो लगा आज समाज के लिए कुछ अच्छा किया है। वहीं चेतन विश्वकर्मा कहते है कि हमारी शादी की सालगिरह को श्री साईं श्रद्धा सेवा समिति अध्यक्ष आशीष राय ने एक नया आयाम दिया है। अब से हम दोनों अपनी हर सालगिरह पर रक्तदान करेंगे औरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। और उनसे कहेंगे रक्तदान करके देखिए अच्छा लगता है, आत्मसंतोष मिलता है।